तेरे मिलने का अंदाज़ ही कुछ और था Hindi Shayari

तेरे मिलने का अंदाज़ ही कुछ और था,
जैसे बरसों की उम्मीदें पूरी हो गईं।
मैंने तो सिर्फ़ एक नज़र पूछी थी,
तुमने तो अपनी जान भी लुटा दी।